Loading...

Home
User Profile Picture
My Account
Sign Out
Upload Book
Edit Book
Aughad / औघड़

Aughad / औघड़

by Nilotpal Mrinal

Book Description

‘औघड़’ भारतीय ग्रामीण जीवन और परिवेश की जटिलता पर लिखा गया उपन्यास है जिसमें अपने समय के भारतीय ग्रामीण-कस्बाई समाज और राजनीति की गहरी पड़ताल की गई है। एक युवा लेखक द्वारा इसमें उन पहलुओं पर बहुत बेबाकी से कलम चलाया गया है जिन पर पिछले दशक के लेखन में युवाओं की ओर से कम ही लिखा गया। ‘औघड़’ नई सदी के गाँव को नई पीढ़ी के नजरिये से देखने का गहरा प्रयास है। ‘औघड़’ गाँव पर गाँव में रहकर, गाँव का होकर लिखा गया उपन्यास है। ग्रामीण जीवन की कई परतों की तह उघाड़ता यह उपन्यास कई विमर्श भी प्रस्तुत करता है।

Write a Review

Need Login for Review Book

Login to Review

Reader Reviews

Loading...
No more reviews to load.

No reviews yet. Be the first to share your thoughts.

Share this book

Share this book with your friends and family.

Copied!
Review Limit Reached
Daily Limit Exceeded

You can only submit 20 reviews in a day. Please wait to enter a new review.